जब आग लगी, तो कई निवासियों ने बचने की कोशिश की। कुछ लोग अपनी जान बचाने के लिए छत की ओर भागे, लेकिन दुर्भाग्यवश, छत का दरवाजा बंद होने के कारण वे वहीं फंस गए और सीढ़ियों पर ही झुलसकर उनकी मौत हो गई। जिस मंजिल पर आग लगी थी, वहां मौजूद चार लोग भी इस अग्निकांड का शिकार हो गए।
बचाव दल ने इमारत के आगे के हिस्से में रहने वाले लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता प्राप्त की, लेकिन पीछे के हिस्से में फंसे लोगों को बचाना मुश्किल साबित हुआ। मृतकों के शव इस हद तक झुलस गए हैं कि उनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है।
अग्निशमन विभाग के अनुसार, तीन लोगों के शव बिस्तर पर मिले हैं, जो आग की भयावहता को दर्शाता है कि उन्हें बिस्तर से उठने का भी मौका नहीं मिला। पुलिस ने अब तक नौ लोगों की मौत की पुष्टि की है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।
आग की लपटों ने इमारत की दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल पर बने फ्लैटों को अपनी चपेट में ले लिया था। आग बुझाने के अभियान के दौरान, लगभग 10 से 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जिनमें से दो को मामूली चोटें आईं। बचाव अभियान में फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां शामिल थीं, जिन्होंने आग पर काबू पाने के लिए कड़ी मशक्कत की।



