पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नींव को मजबूत करने वाले सबसे वरिष्ठ कार्यकर्ताओं में से एक, 98 वर्षीय माखनलाल सरकार एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। पश्चिम बंगाल में नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने माखनलाल सरकार का अभिनंदन किया और उनसे आशीर्वाद लिया। उन्हें 1953 में कश्मीर में भारतीय तिरंगा फहराने के आंदोलन के दौरान श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ जाते समय गिरफ्तार किया गया था। वे पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी के रहने वाले हैं।
शपथ ग्रहण के दौरान प्रधानमंत्री ने बंगाल में भाजपा के सबसे पुराने कार्यकर्ताओं में से एक सरकार को पहले अंगवस्त्र ओढ़ाकर उनका सम्मान किया फिर उनके पैर छुकर उन्हें गले लगाया। इस दौरान वयोवृद्धि भाजपा कार्यकर्ता काफी भावुक नजर आए। पीएम मोदी की ओर से भाजपा के वरिष्ठ नेता के साथ यह व्यवहार पार्टी की ओर से अपने वरिष्ठ नेताओं और संस्थापक सदस्यों के प्रति सम्मान का प्रतीक है।
पीएम के साथ पिता के मंच साझा करने के बाद माखनलाल सरकार के बेटे माणिकलाल सरकार ने कहा, “अपने पिता को मिले सम्मान को देखकर मेरी आंखों में आंसू आ गए। प्रधानमंत्री और भाजपा मेरे पिता को नहीं भूले। मेरे पिता भी बेहद खुश थे। इस उम्र में उन्हें मंच पर लाकर सम्मानित किया गया। मेरे पिता 16 साल की उम्र से ही आरएसएस के सिद्धांतों पर चलते रहे हैं… भाजपा की स्थापना के बाद से ही वे पार्टी के लिए काम करते रहे हैं। वे दार्जिलिंग में पार्टी के पहले अध्यक्ष थे… सत्ता में न होने के बावजूद आज मंच पर उन्हें इतना सम्मान मिला। मेरे पिता श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ कश्मीर गए थे। वे अक्सर दिल्ली में भी मिलते थे। मेरे पिता ने कभी आरएसएस के आदर्शों के खिलाफ काम नहीं किया और यहां उनका बहुत सम्मान किया जाता है।”
माखनलाल सरकार का राजनीतिक सफर पार्टी के लिए शुरुआती दौर के संघर्ष और विस्तार की कहानी बयां करता है। आइए उनके बारे में विस्तार से जानते हैं।
राष्ट्रवादी आंदोलन और कश्मीर यात्रा
माखनलाल सरकार स्वतंत्रता के बाद के भारत में राष्ट्रवादी आंदोलन से जुड़े शुरुआती और प्रमुख जमीनी नेताओं में से एक रहे हैं। राष्ट्रवाद के प्रति उनका समर्पण दशकों पुराना है।
- वर्ष 1952 में जब श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कश्मीर में भारतीय तिरंगा फहराने के लिए एक ऐतिहासिक आंदोलन चलाया था, तब माखनलाल उनके साथ इस अभियान में शामिल थे।
- इसी आंदोलन के दौरान उन्हें कश्मीर में गिरफ्तार भी किया गया था।
भाजपा के संगठन विस्तार में अहम भूमिका
वर्ष 1980 में जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का आधिकारिक रूप से गठन हुआ, तब उन्होंने पश्चिम बंगाल में संगठन को खड़ा करने का जिम्मा उठाया।
- उन्हें पश्चिम दिनाजपुर, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग जिलों के लिए संगठनात्मक समन्वयक (ऑर्गेनाइजेशनल कोऑर्डिनेटर) नियुक्त किया गया था।
- उनके नेतृत्व और संगठन कौशल का प्रभाव ऐसा था कि केवल एक वर्ष के भीतर ही उन्होंने पार्टी में लगभग 10,000 नए सदस्यों को जोड़ लिया था।
- 98 वर्ष की आयु में माखनलाल सरकार आजादी के बाद भारत में राष्ट्रवादी आंदोलन से जुड़े शुरुआती जमीनी स्तर के नेताओं में से एक हैं।
असाधारण संगठनात्मक रिकॉर्ड: लगातार सात साल तक रहे जिलाध्यक्ष
माखनलाल सरकार का राजनीतिक सफर पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा और कार्यकुशलता का प्रमाण है।
- वर्ष 1981 से, उन्होंने लगातार सात वर्षों तक जिलाध्यक्ष के रूप में कार्य किया।
- यह उस दौर की एक असाधारण और दुर्लभ उपलब्धि थी, क्योंकि उस समय आमतौर पर भाजपा नेता एक ही संगठनात्मक पद पर दो साल से अधिक समय तक नहीं रह सकते थे।
माखनलाल सरकार का 98 वर्ष की आयु तक का यह सफर पश्चिम बंगाल जैसे चुनौतीपूर्ण राज्य में भाजपा के शुरुआती विस्तार का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। मंच पर प्रधानमंत्री द्वारा उन्हें दिया गया सम्मान इस बात को पुष्ट करता है कि दशकों तक संगठन को सींचने वाले इन पुराने सिपाहियों को पार्टी के सर्वोच्च नेतृत्व की ओर से आज भी याद रखा जाता है।