Advertisementspot_imgspot_img
23.1 C
Delhi
Thursday, May 7, 2026
Advertismentspot_imgspot_img

Tcs Case:निदा खान को नासिक पुलिस ने छत्रपति संभाजीनगर से हिरासत में लिया, जबरन धर्मांतरण मामले में हैं आरोपी – Nida Khan, Accused In Nashik Tcs Case, Has Been Taken Into Custody From Chhatrapati Sambhajinagar

Date:


महाराष्ट्र के नासिक में मौजूद आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की स्थानीय यूनिट में काम करने वाली महिला कर्मचारियों के साथ कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के मामले में फरार चल रही आरोपी निदा खान का नासिक पुलिस ने छत्रपति संभाजीनगर से हिरासत में लिया है। बता दें कि, इस मामले में पुलिस ने नौ अलग-अलग एफआईआर (FIR) दर्ज की हैं। इसकी जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) भी बनाई गई है।

यह भी पढ़ें- Op Sindoor: भारतीय सेना का अतुलनीय पराक्रम, राजनाथ सिंह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर बनी डॉक्यूमेंट्री की रिलीज

निदा खान पर क्या हैं आरोप?

आरोप है कि कंपनी की एक महिला कर्मचारी निदा खान अपने सहकर्मियों को इस्लामी रीति-रिवाजों का पालन करने, नमाज पढ़ने और मांसाहारी (नॉनवेज) भोजन खाने के लिए दबाव डालती थी। इस केस में एक महिला ऑपरेशंस मैनेजर समेत आठ लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। टीसीएस ने भी इन आरोपों पर सख्त एक्शन लेते हुए आरोपी कर्मचारियों को निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह पूरा मामला निदा खान के ही एक सहकर्मी की शिकायत पर आधारित है। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी ने अपनी पेशेवर स्थिति का फायदा उठाते हुए पीड़ित को डराने और उसे धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करने की कोशिश की।

अदालत से नहीं मिली थी राहत

इससे पहले एक अदालत ने कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के प्रयास से जुड़े एक गंभीर मामले में निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दी थी। इस मामले में धार्मिक भावनाओं और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के हनन के गंभीर आरोप भी शामिल हैं। आरोपी निदा खान ने अपनी दो महीने की गर्भावस्था का हवाला देते हुए गिरफ्तारी से सुरक्षा भी मांगी थी।

यह भी पढ़ें- केरल विधानसभा में 69% करोड़पति: 84 फीसदी विधायकों पर आपराधिक मामले दर्ज; ADR रिपोर्ट में हुए बड़े खुलासे

महिला कर्मचारियों ने खोली पोल

बता दें कि, टीसीएस नासिक यूनिट की आठ महिला कर्मचारियों ने हिम्मत दिखाकर वरिष्ठ सहयोगियों के खिलाफ मोर्चा खोला है। आरोप लगाया गया है कि वरिष्ठ अधिकारियों ने न केवल उनका मानसिक और शारीरिक शोषण किया, बल्कि उन पर धर्म परिवर्तन के लिए भी दबाव बनाया। गंभीर बात यह है कि जब महिलाओं ने इसकी शिकायत कंपनी के एचआर विभाग से की, तो उसे पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया।

अन्य वीडियो



Source link

Share post:

Advertisementspot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

Advertisementspot_imgspot_img